अमेरिका-इज़राइल ने ईरान पर शुरू किया अब तक का सबसे बड़ा हमला: मिसाइल फैक्टरियां और लॉन्चर तबाह करने की तैयारी, तेहरान में आग और धुआं

अमेरिका-इजराइल ने ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला आज रात करने की घोषणा की है, जिसमें मिसाइल लॉन्चर और फैक्टरियां निशाना बनाई जाएंगी। तेहरान के मेहराबाद एयरपोर्ट पर इजराइली हमले से आग और धुआं उठा। रूस ईरान को अमेरिकी ठिकानों की खुफिया जानकारी दे रहा है। ईरान का युद्धपोत IRIS लावन तकनीकी खराबी के कारण भारत के कोच्चि में रुका हुआ है। साथ ही, पाकिस्तानी आसिफ मर्चेंट को ट्रम्प हत्या साजिश में दोषी ठहराया गया, जिसमें ईरान का हाथ बताया जा रहा है। युद्ध का आठवां दिन चल रहा है, ट्रम्प ने ईरान से बिना शर्त आत्मसमर्पण की मांग की है।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
March 7, 2026 • 10:34 AM  514
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अमेरिका-इज़राइल ने ईरान पर शुरू किया अब तक का सबसे बड़ा हमला: मिसाइल फैक्टरियां और लॉन्चर तबाह करने की तैयारी, तेहरान में आग और धुआं
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अमेरिका-इज़राइल ने ईरान पर शुरू किया अब तक का सबसे बड़ा हमला: मिसाइल फैक्टरियां और लॉन्चर तबाह करने की तैयारी, तेहरान में आग और धुआं

अमेरिका-ईरान-इज़राइल युद्ध का आठवां दिन: ट्रंप प्रशासन का सख्त रुख, रूस की खुफिया मदद का दावा,7 मार्च 2026: अमेरिका और इज़राइल के बीच ईरान के खिलाफ चल रहे संयुक्त सैन्य अभियान ने नया मोड़ ले लिया है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में खुलासा किया कि आज रात (शनिवार रात) ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया जाएगा। इस हमले का मुख्य उद्देश्य ईरान की मिसाइल लॉन्चर और मिसाइल निर्माण फैक्टरियों को भारी नुकसान पहुंचाना है, ताकि ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को काफी हद तक कमजोर किया जा सके।

यह युद्ध 28 फरवरी 2026 से शुरू हुआ था, जब अमेरिका और इज़राइल ने ईरान के सैन्य ठिकानों, नेतृत्व और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले शुरू किए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से "बिना शर्त आत्मसमर्पण" की मांग की है और कहा है कि कोई डील नहीं होगी। व्हाइट हाउस के अनुसार, यह अभियान 4 से 6 सप्ताह तक चल सकता है। अब तक हजारों हमले हो चुके हैं, जिसमें तेहरान, इस्फहान, क़ुम और अन्य शहरों के सैन्य और सरकारी ठिकाने निशाना बने हैं। ईरान में 1,000 से अधिक मौतें रिपोर्ट की गई हैं, जबकि क्षेत्रीय स्तर पर हमले बढ़ रहे हैं।

तेहरान के मेहराबाद एयरपोर्ट पर इज़राइली हमला

शुक्रवार देर रात इज़राइल ने तेहरान के मेहराबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हवाई हमला किया, जो नागरिक और सैन्य दोनों उपयोग के लिए है। हमले के बाद एयरपोर्ट क्षेत्र में बड़ी आग और धुएं का गुबार उठता दिखा। ईरानी मीडिया ने धुएं और विस्फोटों की तस्वीरें जारी कीं। यह हमला ईरान के IRGC (इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स) के मिसाइल डिपो और एयर फोर्स सुविधाओं को निशाना बनाने का हिस्सा था। हाल के दिनों में तेहरान पर हर कुछ घंटों में हमले हो रहे हैं, जिससे शहर में तबाही का मंजर है।

रूस ईरान को खुफिया जानकारी दे रहा है: वॉशिंगटन पोस्ट

वॉशिंगटन पोस्ट ने तीन अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट किया है कि रूस ईरान को अमेरिकी सैन्य ठिकानों की लोकेशन से जुड़ी टारगेटिंग इंटेलिजेंस मुहैया करा रहा है। इसमें अमेरिकी युद्धपोतों, विमानों और अन्य संपत्तियों की जानकारी शामिल है, जिससे ईरान अमेरिकी ठिकानों पर हमला कर सके। यह सहायता युद्ध को और जटिल बना रही है, क्योंकि रूस ईरान के साथ अपने संबंधों को मजबूत कर रहा है।

ईरान का युद्धपोत भारत में: IRIS लावन कोच्चि में डॉक

ईरान का युद्धपोत IRIS लावन भारत के कोच्चि बंदरगाह पर रुका हुआ है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, ईरान ने 28 फरवरी को तकनीकी खराबी के कारण मदद मांगी थी। भारत ने 1 मार्च को डॉक की अनुमति दी और जहाज 4 मार्च को कोच्चि पहुंचा। जहाज के 183 क्रू मेंबर भारतीय नौसेना की सुविधाओं में ठहरे हुए हैं। यह जहाज हाल ही में फरवरी 2026 में हुए इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (IFR) और मिलन 2026 नौसैनिक अभ्यास में शामिल हुआ था।

गौरतलब है कि इससे पहले अमेरिका ने श्रीलंका के पास लौट रहे ईरानी युद्धपोत IRIS देना पर हमला कर डुबो दिया था, जिसमें 87 ईरानी नौसैनिक मारे गए थे।

ट्रम्प हत्या साजिश: पाकिस्तानी व्यक्ति दोषी, ईरान का हाथ

अमेरिका में एक संघीय जूरी ने शुक्रवार को पाकिस्तानी नागरिक आसिफ मर्चेंट को राष्ट्रपति ट्रम्प सहित कई अमेरिकी अधिकारियों की हत्या की साजिश रचने के मामले में दोषी करार दिया। यह साजिश 2024 में नाकाम कर दी गई थी। जांच एजेंसियों के अनुसार, इसके पीछे ईरान का हाथ था। मर्चेंट पर आरोप था कि उसने IRGC के प्रशिक्षण के तहत अमेरिका में भाड़े के हत्यारों को नियुक्त करने की कोशिश की।

अभियोजकों के मुताबिक, मर्चेंट ने 2023 में IRGC द्वारा अमेरिका भेजा गया था। उसने राजनीतिक नेताओं की हत्या, दस्तावेज चोरी और विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई। जून 2024 में उसे गिरफ्तार किया गया जब उसने अंडरकवर एजेंट्स से हत्यारों की व्यवस्था की बात की। एफबीआई निदेशक काश पटेल ने कहा कि ईरान की ऐसी कोशिशें पहले भी नाकाम हुई हैं और अमेरिका लोकतंत्र पर हमले को बर्दाश्त नहीं करेगा। मर्चेंट को उम्रकैद तक की सजा हो सकती है।

Mohit Parihar

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

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