हमीरपुर में निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा: आंधी-बारिश के बीच दर्दनाक हादसा, 6 मजदूरों की मौत; 7 घंटे चला रेस्क्यू
उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में बेतवा नदी पर बन रहे निर्माणाधीन पुल का स्लैब तेज आंधी-बारिश के दौरान गिर गया। हादसे में 6 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 3 मजदूरों को SDRF ने मलबे से सुरक्षित निकाला। घटना के बाद प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं।
Kashish Sain Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
May 29, 2026 • 11:04 AM 6
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“हमीरपुर में निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा: आंधी-बारिश के बीच दर्दनाक हादसा, 6 मजदूरों की मौत; 7 घंटे चला रेस्क्यू”
उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में शुक्रवार देर रात बड़ा हादसा हो गया। बेतवा नदी पर बन रहे निर्माणाधीन पुल का स्लैब अचानक भरभराकर गिर पड़ा। हादसे में 6 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई मजदूर मलबे में दब गए। सूचना मिलते ही SDRF, पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और करीब साढ़े सात घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। यह हादसा शहर से करीब 25 किलोमीटर दूर ललपुरा इलाके में शुक्रवार रात करीब 2 बजे हुआ।
तेज आंधी-बारिश के दौरान गिरा स्लैब
उत्तर प्रदेश ब्रिज कॉरपोरेशन के एमडी धर्मवीर सिंह ने बताया कि देर रात तेज आंधी और बारिश के कारण पुल का स्लैब गिर गया। मौसम विभाग के अनुसार, हमीरपुर में रात के समय 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चली थी। बताया जा रहा है कि स्लैब के नीचे लगा सपोर्ट सिस्टम तेज हवाओं के कारण हिल गया, जिसके चलते भारी कंक्रीट स्लैब नीचे गिर पड़े।
नीचे सो रहे मजदूर दबे
प्रत्यक्षदर्शी मजदूर सुरेश कुमार ने बताया कि पुल पर दो शिफ्ट में काम चलता था। हादसे के समय कुछ मजदूर पुल के ऊपर काम कर रहे थे, जबकि पहली शिफ्ट के मजदूर नीचे आराम कर रहे थे। उन्होंने बताया “तेज आंधी आने पर हम लोग पुल पर ही लेट गए थे। तभी अचानक जोरदार आवाज हुई और स्लैब गिर गया। नीचे सो रहे मजदूर मलबे में दब गए।”
हादसे की सूचना मिलते ही SDRF, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू किया गया।करीब साढ़े सात घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मलबे में फंसे 3 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। हालांकि 6 मजदूरों की जान नहीं बचाई जा सकी। SDRF अधिकारियों ने बताया कि एहतियात के तौर पर अभी भी मलबा हटाया जा रहा है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई और मजदूर दबा न हो।
मृतकों में बांदा और हमीरपुर के मजदूर शामिल
हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों में 4 बांदा और 2 हमीरपुर जिले के रहने वाले थे। मृतकों की पहचान इस प्रकार हुई—
नाम
उम्र
जिला
लोकेंद्र निषाद
22
बांदा
कुलदीप निषाद
19
बांदा
सावंत यादव
28
बांदा
सभाजीत
30
बांदा
पुष्पेंद्र सिंह चौहान
34
हमीरपुर
राजेश पाल
42
हमीरपुर
बेटियों का रो-रोकर बुरा हाल
मृतक राजेश पाल की बेटियां पिता का शव देखकर फूट-फूटकर रो पड़ीं। परिवार के लोग उन्हें संभालते नजर आए। बेटी शिवानी ने बताया कि हादसे की जानकारी उन्हें पापा के साथ काम करने वाले मजदूरों से मिली। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।
90 करोड़ की लागत से बन रहा था पुल
यह पुल उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम द्वारा बनाया जा रहा था। करीब 90 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे इस पुल की लंबाई 700 मीटर है। दो लेन वाले इस पुल का निर्माण मोराकांड से कुरारा गांव के बीच किया जा रहा था। इसका काम मार्च 2024 में शुरू हुआ था और दिसंबर 2026 तक पूरा किया जाना था।
जांच के आदेश, जिम्मेदारों पर होगी कार्रवाई
ब्रिज कॉरपोरेशन के एमडी धर्मवीर सिंह ने कहा कि हादसे की विस्तृत जांच कराई जाएगी। पुल का थर्ड पार्टी ऑडिट आईआईटी-बीएचयू द्वारा किया जा रहा था। वहीं भाजपा सांसद बृजलाल ने कहा कि हादसे के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सीएम योगी ने दिए निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर दुख जताते हुए जिला प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए। डीएम अभिषेक गोयल ने बताया कि मौसम विभाग द्वारा पहले ही तेज आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की गई थी और गांवों में मुनादी कर लोगों को सतर्क भी किया गया था।
हादसे की तस्वीरों में दिखा दर्दनाक मंजर
लोहे के पिलरों और कंक्रीट के भारी स्लैब के बीच मजदूर फंसे दिखाई दिए।
जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाया गया।
SDRF और पुलिस टीम ने पूरी रात रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।
Kashish Sain Verified Public Figure • 11 Jun, 2026Sub Editor
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