"माचिया किला" स्वतंत्रता सेनानियों की बलिदान भूमि बनेगी तीर्थस्थल, केंद्रीय मंत्री ने की विकास की घोषणा.

केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने जोधपुर के माचिया किले का दौरा कर स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी। रियासतकालीन इस किले को अंग्रेजों ने जेल बनाया था, जहां 1942-43 में सेनानियों को यातनाएं दी गईं। शेखावत ने इसे तीर्थस्थल के रूप में विकसित करने और पर्यटन को बढ़ावा देने की घोषणा की। वर्तमान में 3 लाख पर्यटक प्रतिवर्ष आते हैं, और इसे वैश्विक आकर्षण का केंद्र बनाया जाएगा।

Basanti Parmar
Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
September 1, 2025 • 7:35 PM  13
राजस्थान
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"माचिया किला" स्वतंत्रता सेनानियों की बलिदान भूमि बनेगी तीर्थस्थल, केंद्रीय मंत्री ने की विकास की घोषणा.
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"माचिया किला" स्वतंत्रता सेनानियों की बलिदान भूमि बनेगी तीर्थस्थल, केंद्रीय मंत्री ने की विकास की घोषणा.

जोधपुर, राजस्थान: केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने सोमवार को जोधपुर के ऐतिहासिक माचिया किले का दौरा किया और स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने कीर्ति स्तंभ के समक्ष नमन कर स्वतंत्रता संग्राम के नायकों को याद किया। शेखावत ने इस पवित्र स्थल को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने और इसे तीर्थस्थल के रूप में स्थापित करने की घोषणा की, ताकि यह देश-विदेश के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने।

माचिया किले का ऐतिहासिक महत्व

माचिया किला, जोधपुर शहर से लगभग 12 किलोमीटर दूर स्थित है, रियासतकालीन समय में एक महत्वपूर्ण संरचना थी। अंग्रेजों ने इसे जेल में तब्दील कर दिया था, जहां स्वतंत्रता सेनानियों को अमानवीय यातनाएं दी जाती थीं। 1942 से 1943 के बीच, लगभग 8 महीनों तक 30 से 32 स्वतंत्रता सेनानियों को जोधपुर जेल से लाकर यहां कठोर यातनाएं दी गईं। इन सेनानियों को काला पानी की सजा देने से पहले भयंकर प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। इस दौरान अंग्रेज परिजनों को उनसे मिलने की अनुमति नहीं देते थे, और कुछ को केवल 10 फीट की दूरी से छोटे झरोखों के माध्यम से कुछ मिनट बात करने की इजाजत मिलती थी।कई स्वतंत्रता सेनानियों ने इस किले में अपनी जान गंवाई, जबकि कईयों को गिरफ्तार कर यातनाएं दी गईं। यह किला स्वतंत्रता संग्राम के उन बलिदानों का प्रतीक है, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति दी।

Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

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