Bikaner: पाकिस्तान की ड्रोन साजिश का सबसे आसान शिकार बन गया है बॉर्डर... सुरक्षा के साधन होने के बावजूद भी नहीं की गई सुविधा
ड्रोन से हो रही हेरोइन तस्करी… लेकिन क्यों नहीं लग पाया एंटी-ड्रोन सिस्टम? सीमा सुरक्षा पर उठे बड़े सवाल!
राजस्थान की पश्चिमी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पाकिस्तान से आने वाले नार्को-ड्रोन लगातार भारतीय सीमा में घुसपैठ कर रहे हैं और हेरोइन तस्करी को अंजाम दे रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि इस खतरे से निपटने के लिए जिस अत्याधुनिक डी-4 (डिटेक्ट, डिटर एंड डिस्ट्रॉय) एंटी-ड्रोन सिस्टम को लगाया जाना था, वह अब तक लागू नहीं हो पाया है।
ड्रोन से बढ़ी तस्करी, सुरक्षा पर खतरा
सीमा सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, तस्कर अब ड्रोन का इस्तेमाल बेहद उन्नत तरीके से कर रहे हैं। ये ड्रोन करीब 3 किलोमीटर की ऊंचाई तक उड़ाए जा रहे हैं, जिससे न तो वे आसानी से दिखाई देते हैं और न ही उनकी आवाज सुनाई देती है। खासतौर पर बीकानेर सेक्टर और आसपास के इलाकों में पिछले कुछ महीनों में हेरोइन तस्करी के मामलों में तेजी आई है। इससे साफ संकेत मिलता है कि तस्कर तकनीक का इस्तेमाल कर सुरक्षा एजेंसियों को चुनौती दे रहे हैं।
