भारत में ग्रीन मोबिलिटी की नई पहल: इथेनॉल-ब्लेंडेड डीजल और बायोफ्यूल्स का परीक्षण शुरू

भारत में ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए डीजल में 5% इथेनॉल ब्लेंडिंग का परीक्षण शुरू किया गया है। इसके साथ ही आइसोब्यूटेनॉल जैसे एडवांस बायोफ्यूल्स पर भी तेजी से काम चल रहा है। इसका उद्देश्य प्रदूषण कम करना, ईंधन आयात पर निर्भरता घटाना और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
June 30, 2026 • 3:19 PM  0
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भारत में ग्रीन मोबिलिटी की नई पहल: इथेनॉल-ब्लेंडेड डीजल और बायोफ्यूल्स का परीक्षण शुरू
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भारत में ग्रीन मोबिलिटी की नई पहल: इथेनॉल-ब्लेंडेड डीजल और बायोफ्यूल्स का परीक्षण शुरू

भारत में ग्रीन मोबिलिटी और कार्बन उत्सर्जन कम करने की दिशा में लगातार नए प्रयोग किए जा रहे हैं। पेट्रोल में पहले ही E20 (20% इथेनॉल मिश्रण) लागू होने के बाद अब सरकार और ऊर्जा क्षेत्र की कंपनियां डीजल में भी बायोफ्यूल मिलाने की दिशा में तेजी से काम कर रही हैं। इसी कड़ी में 5% इथेनॉल-ब्लेंडेड डीजल (E-Diesel) का परीक्षण शुरू किया गया है।

क्या है इथेनॉल-ब्लेंडेड डीजल?

इथेनॉल-ब्लेंडेड डीजल एक ऐसा ईंधन है जिसमें पारंपरिक डीजल के साथ एक निश्चित मात्रा में इथेनॉल मिलाया जाता है। भारत में फिलहाल 5% तक इथेनॉल मिश्रण के परीक्षण किए जा रहे हैं ताकि इसे व्यावसायिक स्तर पर इस्तेमाल करने से पहले इसकी क्षमता, माइलेज और इंजन पर प्रभाव को परखा जा सके। इसका मुख्य उद्देश्य है: जीवाश्म ईंधनों (fossil fuels) पर निर्भरता कम करना, प्रदूषण उत्सर्जन घटाना, कृषि आधारित इथेनॉल उद्योग को बढ़ावा देना

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

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